मंगलवार, 30 दिसंबर 2008

एक दिल मेरा

एक दिल मेरा एक दिल उसका
बीच राह में उलझ गए
अब में निकलू पहले
या वो निकले सोच विचार में पड़ गए

टुकर टुकर वो मुझको देखे
में भी उस पर भो भो सा लाल्चाऊ
कभी लार गिरे मेरी पवन धरती पे
कभी में उसकी आँखों में बस जाऊ

थी उसकी हालत भी कुछ ऐसी
की वो पल पल शरमाये
बिल्ली सी
और पल में लोमडी सी मुस्कुराये
आँखों के वार बहुत हुए
दिल से दिल टकराया
वो मुझको अपना दोगी बना गई
मैंने उसको अपनी बिल्ली बना लिया

जीवन की उलझन सुलझ गई
में अकेले से दोकेला हुआ
अब उसके दिल में तेरु मछली सा मैं
वो में में करती मेरे दिल में

अब अपनी प्रेम khaaani suru हुयी
वो jungle rani में , jungle manav
अब प्रेम shudha में barshayenge
कभी jungle लव , कभी hatim tayi
sindbaad , विक्रम betaal
के जैसे faulaati tilishmi
dharohar iis duniya को दे जायेंगे

janmo तक याद रखे duniya
वो प्यार के देंगे हम
cahhye वो बने सोनिया
या में manmohan बन जाऊ
maya , jagjivan सा प्यार रहे
khushiya हो rabri lalu सी
इस duniya में chamke jailalita सा
लोग janmo तक याद रखे

है kripanidhaan है पालन करता
क्या khel rachaya tune
एक naari दी एक नर दिया
shrishti को baccho sang
taaro सा sansaar दिया


1 टिप्पणी:

सुमित प्रताप सिंह ने कहा…

मुंबई ये सब करने गए हो। ये बात गुरुदेव को पता लगी तो तुम्हारी खैर नहीं।