रविवार, 6 जनवरी 2013

आईना तोड के आ जाओ


आईना तोड के आ जाओ
तुम ये शहर छोड़ के आ जाओ
दुरिया जितनी भी है
वो अब तो कम हो
तुम अब सब पिंजरे तोड़कर आ जाओ

कवि / शायर ..

( जयदेव जोनवाल)

फासले सब मिटा दो तो कोई बात बने

फासले सब मिटा दो 
तो कोई बात बने 
रात तब रात है 
जब साथ में तू हो 
वरना इस चाँद की क्या औकात 
की ये हमसे खूबसूरती का तकाज़ा करे 


हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

हम तेरा इंतज़ार करते है

हम तेरा इंतज़ार करते है 
रोज़ यूँ ही सुबहा से शाम करते है 
तू आयेगा ये इस दिल को यकी है 
इसलिए हम तुझपे एतबार करते है 



हास्य कवि / शायर ....

( जयदेव जोनवाल )

वक़्त का भरोसा अब क्या कीजे


वक़्त का भरोसा अब क्या कीजे
हर मोड़ पे वहशी है
अब अपनी इज्जत को कैसे बचा लीजे
है इंसान की शक्ल में भेडिये सभी
अब सही और गलत का
कैसे तकाज़ा कीजे


हास्य कवि / शायर .....

( जयदेव जोनवाल )

हाथ मिलकर ना जुदा हो


हाथ मिलकर ना जुदा हो
कुछ ऐसा काम करो
रात ढलती होतो, सुबहा तुमसे हो
तेरे पहलु में मेरी
 जिंदगी की शाम को हो


हास्य कवि / शायर .....

( जयदेव जोनवाल )

गुरुवार, 3 जनवरी 2013

प्यार दिल में रखकर मैं खामोश रहता हूँ


प्यार दिल में रखकर
मैं खामोश रहता हूँ
मैं तेरा साया हूँ
तेरे साथ रहता हूँ
हाले -ऐ - दिल
मेरा तुझसे कह पाना
ज़रा मुश्किल है
मैं तेरे सामने होकर भी
तुझसे अजनबी रहता हूँ


हास्य कवि / शायर .....

( जयदेव जोनवाल )

मुझको रुलाना तेरे लिए आसान है

मुझको रुलाना तेरे लिए आसान है
मगर तुझको मनाना मेरे लिए मुश्किल
प्यार को मेरे तू पागलपन कहती है
मगर मेरे इस पागलपन को समझ पाना
तेरे लिए मुश्किल ..


हास्य कवि / शायर .....

( जयदेव जोनवाल )