बुधवार, 19 दिसंबर 2012

आईना सच तो दिखलाता है

आईना सच तो दिखलाता है
जो है जैसा उसका वैसा दिखलाता है
मगर लोग कहा मानते है
इस आईने के सच को
जो अगर दिखाये आईना हकीकत
तो वो आईना तोड़ दिया जाता है



हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

हाथ छूने से डर लगता है


हाथ छूने से डर लगता है
तेरे सामने कुछ कहने से डर लगता है
यूँ तो ज़माना जनता है की मैं शायर हूँ
मगर मुझको तेरे सामने लब खोलने में डर लगता है


हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

वो रात भर आँसू बहाती रही


वो रात भर आँसू बहाती रही
उस बेवफा की याद में
खुद को जलाती रही
मगर ना बदल पाया उसका मुकद्दर
वो बेवजह यूँ ही हकीकत को झुठलाती रही


हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

वो रात भर आँसू बहाती रही


वो रात भर आँसू बहाती रही
उस बेवफा की याद में
खुद को जलाती रही
मगर ना बदल पाया उसका मुकद्दर
वो बेवजह यूँ ही हकीकत को झुठलाती रही


हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

दिल मिले ना मिले


दिल मिले ना मिले
तुम मुझपर एतबार तो करना
हम मिले ना मिले
तुम मेरा इंतज़ार तो करना
ये मोहब्बत है मेरी सिर्फ तुम्हारे लिए
सात फेरे ना सही
मगर तुम मुझसे थोडा प्यार तो करना

हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

तू मुझे हँसती हुई अच्छी लगती है

तू मुझे हँसती हुई अच्छी लगती है
तेरे करीब ये जिन्दगी अच्छी लगती है
अब गवारा नहीं है तुझसे ये दुरिया मुझको
अब तेरे साये में हर ख़ुशी सच्ची लगती है

हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )

गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

खुबसूरत तू बहुत है


खुबसूरत तू बहुत है
और ये मेरा दिल नाज़ुक बहुत है
तुझको पाना यूँ तो मेरी जिद है
मगर तुझको खो देने की मुझमे हिम्मत नहीं है


हास्य कवि / शायर ......

( जयदेव जोनवाल )