शनिवार, 6 अक्टूबर 2012

इश्क होतो डर लगता है

इश्क होतो डर लगता है
इश्क ना होतो डर लगता है
उसके प्यार से, उसके गुस्से से
उसकी मासूमियत से मुझे डर लगता है
यूँ तो मैं डरपोक नहीं हूँ
मगर उसके इरादों से मुझे डर लगता है 

बेखयाली में ख्याल नहीं था

बेखयाली में ख्याल नहीं था
जब दिल लगाया तुमसे
तो मुझको होश नहीं था
मैं मिट गया बस तेरी फिक्र में
और एक तू था जिसकी नज़र में
मैं कुछ नहीं था .....
 

यूँ मोहब्बत में मरना तो पड़ेगा

यूँ मोहब्बत में मरना तो पड़ेगा
प्यार जो किया है तो तड़पना तो पड़ेगा
मेरे चाहने और ना चाहने से क्या होता है
इश्क जो किया है तो इम्तिहानो से गुज़ारना तो पड़ेगा 

गुरुवार, 27 सितंबर 2012

मेरे दिल में तेरे राज़ रहने दे

मेरे दिल में तेरे राज़ रहने दे
तू भले मुझको भुला दे
मगर ये एहसास रहने दे
मेरे ये आंसू बड़ी मुश्किल से रुके है
अब इस समंदर को यूँ ही खामोश रहने दे 

हवा का रुख अगर बदल जाये तो क्या बात है

हवा का रुख अगर बदल जाये तो क्या बात है
तू अगर मेरी हो जाये तो क्या बात है
तुझको पाना यूँ तो आसान नहीं है, मेरे लिए
मगर ये नामुमकिन अगर मुमकिन हो जाये तो क्या बात है

प्यार जितना भी करूँ तुझसे उतना कम है

प्यार जितना भी करूँ तुझसे उतना कम है
मैं मिटा दूँ खुद को या के अपनी जाँ को 
तेरी मोहब्बत में .....
मेरा ये इम्तेहान फिर भी कम है 

प्यार करना आसान नहीं

प्यार करना आसान नहीं
किसी पे मरना आसान नहीं
यूँ तो हर कोई दिल लगा लेता है
 किसी ना किसी से
मगर प्यार करके फिर उसे निभाना
ये हर किसी के बस की बात नहीं