रविवार, 9 दिसंबर 2012

सितारों की महफ़िल हो तुम्हारे लिए


सितारों की महफ़िल हो तुम्हारे लिए
ये सारा जहाँ हो तुम्हारे लिए
तुम चाहो जो एक तारा
कभी तो ये आसमा हो तुम्हारे लिए
दुआओ में तुम हो।।।
है ये सारी खुशियाँ तुम्हारे लिए

कवि/ शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

आज है तो तुमको मना लेंगे


आज है तो तुमको मना लेंगे
शिकवे-शिकायते जितने भी है
सब मिटा लेंगे ...
खता आपकी हो या हमारी
हम ही खुद को झुका लेंगे
आज साथ है तो सब है
कल ना हुए तो क्या करेंगे


कवि/ शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

मेरे जाने के बाद तुम मुझको याद मत करना


मेरे जाने के बाद
तुम मुझको याद मत करना
मैं जो ना रहूँ
तो फिर फ़रियाद मत करना
मैं तेरा बुरा वक़्त था
ये समझकर भुला देना मुझे
मुझपर तुम और वक़्त खराब मत करना


कवि/ शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

तेरी बाँहों में जीने का मज़ा आता है


तेरी बाँहों में जीने का मज़ा आता है
भूलकर इस जहाँ को जन्नत का नशा आता है
तेरे आगोश में, मैं खुश हूँ बहुत
तुझसे अलग होके
अब नहीं जीया जाता है

कवि/ शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

भूलकर मुझको कहा जाओगे

भूलकर मुझको कहा जाओगे
तुम जहाँ भी जाओगे
बस मुझे ही पाओगे
मैं आईना हूँ तुम्हारा
हमेशा तुम्हारे साथ ही रहूँगा
तुम जब देखोगे खुद को
मुझे अपने सामने पाओगे

कवि/ शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

मंगलवार, 4 दिसंबर 2012

जुल्फ चेहरे से हटा लो की दीदार तो हो

जुल्फ चेहरे से हटा लो की दीदार तो हो
कर दो अब हम पे भी एक नज़र
की ख़तम ये इंतज़ार तो हो
दुरिया अब तो मिटे, ये ऐ -मेरे सनम
तीर अब तो ये दिल के पार हो 

दिल लगा के अब तुझको भुलाना आसान नहीं

दिल लगा के अब तुझको भुलाना आसान नहीं
नाम तेरा होठो पे लाके
अब तुझको इस दिल से मिटाना आसान नहीं
अब तो मेरा ये वजूद है तुझसे
अब तेरे बिना मैं मुकम्मल नहीं