बुधवार, 17 अक्टूबर 2012

मुश्किलों से हारने वाला मैं ना था

मुश्किलों से हारने वाला मैं ना था
मुझको झुका दे वो कोई दर ना था
मगर ये तेरा असर है ..
जो आज मैं काफ़िर से
 एक फ़रिश्ता बन गया 

मैं जो रो दूँ तो फिर क़यामत होगी

मैं जो रो दूँ तो फिर क़यामत होगी
तुझको मुझसे फिर शिकायत होगी
मेरे दिल में है जो जज्बात
उन्हें तू अन्दर ही रहने दे
वरना तेरी जिन्दगी में फिर हलचल होगी 

आज बिछड़े तो फिर कल ना मिलेंगे

आज बिछड़े तो फिर कल ना मिलेंगे
फूल जो आज है वो कल ना खिलेंगे
मुझको तुम भूल भी जाओ तो कोई शिकायत नहीं
मगर कल तेरे आसुनो को पोछने के लिए हम ना रहेंगे

ना तेरी खता है, ना ये मेरी खता है

ना तेरी खता है, ना ये मेरी खता है
बस ये दिल ही मेरा सरफिरा है
तू ठुकराता रहा मुझे हर सफ़र में
और एक मैं था ..
जो तुझे हमसफ़र अपना मान बैठा 

मेरे घर का सामान सब बिखरा पड़ा है

मेरे घर का सामान सब बिखरा पड़ा है
तेरे जाने के बाद मेरा घर सुना बड़ा है
तुम जो आ जाओ तो रोनक हो मेरे घर में
वरना तेरे बिन ये जय - तन्हा बड़ा है 

इन लकीरों में तेरा साथ नहीं है

इन लकीरों में तेरा साथ नहीं है
शायद अब तुझको मुझसे प्यार नहीं है
मैं खुदा से और अपनों से लड़कर
तुझे अपना बना भी लेता
मगर तूने ही कहा ..
अब तुझको मुझपर एतबार नहीं है 

शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2012

प्यार अपना दिखाना नहीं आता

प्यार अपना दिखाना नहीं आता
मुझे खुद को जताना नहीं आता
लोग अच्छे है सभी बस नज़रिये भर का फर्क है
एक मुझे ही बस उनको आइना दिखाना नहीं आता