गुरुवार, 21 जून 2012

आँख के आँसू ना थमे तो मैं रोता गया

आँख के आँसू ना थमे तो मैं रोता गया
 सारी रात मैं तुझको सोचता रहा
 मैं बुरा हूँ या मेरी ये चाहत
 बस इन्ही सवालों में
 मैं सारी रात उलझा रहा

बुधवार, 20 जून 2012

तुझको देखकर मुझको करार आता है

तुझको देखकर मुझको करार आता है
 तुझसे मिलकर ये मेरा दिल बहल जाता है
 जिन्दगी अब मुझे तेरे पहलु में अच्छी लगती है
 तेरे बिना तो सब मुझे बेवजह नज़र आता है

यूँ तुम मुझको देखकर शरमाया ना करो

यूँ तुम मुझको देखकर शरमाया ना करो
 ये दिल मेरा नाज़ुक है
 इसको तुम यूँ ना दुखाया करो
 मैं तो आराम से मर जाऊँगा
 बस तेरी एक नज़र काफी है
 तुम मुझपर यूँ सितम अपना ना ठाया करो

मंगलवार, 19 जून 2012

शाम अब ढलती है तो ढलती नहीं

शाम अब ढलती है तो ढलती नहीं
 ये जिन्दगी अब आगे बढती नहीं
 मैं रुका हूँ ना जाने किस मोड़ पे
 ये हवा भी तो अब रुक अपना बदलती नहीं

मौत से मुझे डर नहीं लगता

मौत से मुझे डर नहीं लगता
 मैं तो डरता हूँ अब जिन्दगी से
 ना जाने कब ये जिन्दगी अपना रुख बदले
 और मेरी जिन्दगी की शाम हो जाये

जाने किस उलझन में मैं उलझा सा हूँ

जाने किस उलझन में मैं उलझा सा हूँ हूँ मैं समंदर के पास मगर फिर भी मैं प्यासा हूँ हैं अजीब ये दस्तूर जिन्दगी का मैं हूँ जिनका मैं उन्ही के लिये पराया सा हूँ

शनिवार, 16 जून 2012

होश में आने से पहले तुम मुझको मिटा दो

होश में आने से पहले तुम
मुझको मिटा दो तो अच्छा है
 जो अगर में होश में आया तो बहक जाऊंगा
 मैं तो मरूँगा ये तो तय है
 पर साथ अपने मैं तेरी सारी शोहरत ले जाऊंगा