गुरुवार, 20 जून 2013

उजालो से डर और अंधेरो से प्यार है

उजालो से डर और अंधेरो से प्यार है 
हूँ मैं तेरा मरीज़ ..
मुझे ख़ुशी से ज्यादा तेरे दर्द में करार है 



हास्य कवि / शायर ....

(जयदेव जोनवाल )

मुफलिसी में भी मज़ा आता है

मुफलिसी में भी मज़ा आता है
और कोई अमीरी में भी मरा जाता है
कोई चैन से सो लेता है सड़क पर भी या रब
और कोई बड़े घर में मखमली बिस्तर पर भी
 करवटे बदलता रह जाता है


हास्य कवि / शायर ....

(जयदेव जोनवाल )


ज़माने भर की बुरी निगाह से बचाया जिसे

ज़माने भर की बुरी निगाह से बचाया जिसे
आज वही हमसे कहता है की
 मुझको कही तेरी नज़र लग ना जाये



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

उसकी आँखों में मेरे लिए सवाल है

उसकी आँखों में मेरे लिए सवाल है 
और मेरे दिल में उनके जवाब है 
पर ना वो बोलता है और ना मैं बोलता हूँ 
राज़ अपने दिलो के बेशुमार है 


हास्य कवि / शायर ....

(जयदेव जोनवाल )

उन्हें हमसे दिल लगाकर दिल लगाना आया


उन्हें हमसे दिल लगाकर दिल लगाना आया
और एक हम थे जो उनके होकर
फिर कभी किसी के हो ना पाए



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )


शनिवार, 15 जून 2013

है मुझको समझना तेरे हाथ में

है मुझको समझना तेरे हाथ में
है ज़ज्बात तेरे मेरी आँख में
तू समझे तो समझे तेरी बात है
मैं हूँ तन्हा समंदर प्यार की बरसात में



हास्य कवि / शायर ....

(जयदेव जोनवाल )

बुधवार, 12 जून 2013

माथे की सलवटे सवाल करती है

माथे की सलवटे सवाल करती है 
क्यूँ तू परेशान है इस कदर किसी के लिए 



हास्य कवि /शायर ..

(जयदेव जोनवाल )