बुधवार, 12 जून 2013

ज़िन्दगी क्या से क्या हो गई

ज़िन्दगी क्या से क्या हो गई
तू मिली फिर जुदा हो गई
हम करे किस्से सिकवे -शिकायत
आज अपनी मोहब्बत बेवफा हो गई


हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

दो वक़्त की रोटी का किस्सा है

दो वक़्त की रोटी का किस्सा है 
इंसान यूँ ही परेशान नहीं जिंदगी के लिए 



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

ख़त दिलो के कभी दिखाया नहीं करते

ख़त दिलो के कभी दिखाया नहीं करते
है कितनी मोहब्बत हमें तुमसे
ये हम ज़माने की सामने जताया नहीं करते



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

गुरुवार, 6 जून 2013

तेरे सवालो का जवाब देना मुश्किल है

तेरे सवालो का जवाब देना मुश्किल है
मैं अगर चुप रहूँ तो तेरा कसूरवार होता है


हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

आईना लाख बुरा है, मगर सच तो दिखलाता है

आईना लाख बुरा है, मगर सच तो दिखलाता है 
तू भले लाख भला है, मगर आईने के सामने तू झूठा नज़र आता है



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

आदमी मुश्किलों से नहीं हालात से हार जाता है

आदमी मुश्किलों से नहीं हालात से हार जाता है
लड़ तो लेता है वो दुनिया भर से मगर, वो अपनों से हार जाता है



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )

तू गई यूँ के घर सुना - सुना है

तू गई यूँ के घर सुना - सुना है
रात लड़ा मुझसे बिस्तर के तेरा हमसफ़र कहाँ है



हास्य कवि / शायर ...

(जयदेव जोनवाल )