तेरे नाम से
मुझको खुशी मिलती है
तेरे एहसास से
मुझको खुशी मिलती है
तू कही भी रहे
ऐ- मेरे सनम
पास या के दूर मुझसे
मुझे तो अब
तुझमें ही खोके खुशी मिलती है
जयदेव जोनवाल एक उभरते हुए युवा कवि हैं, जिनकी रचनाओं में उसी ताजगी का आभास होता है जो वास्तव में एक युवा कवि की रचनाओं में होना चाहिए। मेरी उन्हें ढेरों शुभकामनायें। जयदेव अच्छी रचनाओं का निर्माण करें और हिन्दी की निरंतर सेवा करते रहें। जय हिंद! जय हिन्दी! सुमित प्रताप सिंह (दिल्ली गान के रचयिता) हास्य कवि जयदेव जोनवाल सम्पर्क सूत्र -: 09250683519,8826725292
सोमवार, 19 मार्च 2012
दिल के आंसू मैं..
दिल के आंसू मैं
तुझको कभी दिखा ना सका
मैं रोया तो बहुत
पर तुझको रुला ना सका
तेरी मोहब्बत
यूँ तो जिन्दगी थी मेरी
मगर तू ही खुद
कभी मेरा ना हो सका
तुझको कभी दिखा ना सका
मैं रोया तो बहुत
पर तुझको रुला ना सका
तेरी मोहब्बत
यूँ तो जिन्दगी थी मेरी
मगर तू ही खुद
कभी मेरा ना हो सका
बुधवार, 14 मार्च 2012
उसको भूल जाना
उसको भूल जाना
कहा आसा था मेरे लिए
मैंने जब भी भुलाया उसको
तो वो याद मुझको आ ही गया
कभी आँखों में आंसू बनके
तो कभी होठो पे हसी बनके
मैं गया जब कभी भी दूर उससे
वो मुझे हमेशा मेरे आस-पास ही मिला
कहा आसा था मेरे लिए
मैंने जब भी भुलाया उसको
तो वो याद मुझको आ ही गया
कभी आँखों में आंसू बनके
तो कभी होठो पे हसी बनके
मैं गया जब कभी भी दूर उससे
वो मुझे हमेशा मेरे आस-पास ही मिला
सोमवार, 12 मार्च 2012
मेरे मरने पे ना आंसू बहाना
मेरे मरने पे ना आंसू बहाना
ऐ- दुनिया वालो
मैं जो बिछड़ा हूँ
आज तुमसे तो कल फिर से मिल जाऊंगा
याद मैं ना सही पर मेरी यादें ही सही
इन्ही यादों में तुम्हें खुशिया और आंसू ओ
के कई किस्से तमाम दे जाऊंगा
मैं लम्हा हूँ आज बिछड़ा हूँ तुमसे
तो कल फिर किसी मोड़ पे
तुमसे मैं मिल जाऊंगा
ऐ- दुनिया वालो
मैं जो बिछड़ा हूँ
आज तुमसे तो कल फिर से मिल जाऊंगा
याद मैं ना सही पर मेरी यादें ही सही
इन्ही यादों में तुम्हें खुशिया और आंसू ओ
के कई किस्से तमाम दे जाऊंगा
मैं लम्हा हूँ आज बिछड़ा हूँ तुमसे
तो कल फिर किसी मोड़ पे
तुमसे मैं मिल जाऊंगा
वक़्त है आखिरी ज़रा संभल के चलना
वक़्त है आखिरी ज़रा संभल के चलना
साथ मेरे ना सही तो साथ खुद के चलना
बस अगले उस मोड़ पे
बदल जायेगी...
मंजिले अपनी
मगर हम जितने
वक़्त साथ है तुम हमें अपने दिल में रखना
साथ मेरे ना सही तो साथ खुद के चलना
बस अगले उस मोड़ पे
बदल जायेगी...
मंजिले अपनी
मगर हम जितने
वक़्त साथ है तुम हमें अपने दिल में रखना
लोग कहते है की मैं पागल हूँ
लोग कहते है की मैं पागल हूँ
मोहब्बत में उसकी
मगर मैं जब भी मिला हूँ
किसी से तो होश में ही मिला हूँ
मगर फिर भी ना जाने
क्यूँ लोग मुझे दीवाना समझते है
मोहब्बत में .
मोहब्बत में उसकी
मगर मैं जब भी मिला हूँ
किसी से तो होश में ही मिला हूँ
मगर फिर भी ना जाने
क्यूँ लोग मुझे दीवाना समझते है
मोहब्बत में .
मेरे कुछ कहने और ना कहने से ..
मेरे कुछ कहने
और ना कहने से
कहा ये वक़्त और ये हालत बदलते है
पर मैं चुप जो रहूँ
तो क्या पता, मेरी चुप्पी
नए मायने देदे ..
मुझसे जुड़े उस एहम शख्स को
और ना कहने से
कहा ये वक़्त और ये हालत बदलते है
पर मैं चुप जो रहूँ
तो क्या पता, मेरी चुप्पी
नए मायने देदे ..
मुझसे जुड़े उस एहम शख्स को
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